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Monday, 10 December 2018

30 साल का लड़का प्रदेश की राजनीति में बहुत धमाकेदार एंट्री मार गया ,दुष्यंत ने चाचा अभय को जींद में दी मात

 30 साल का  लड़का प्रदेश की राजनीति में बहुत धमाकेदार एंट्री मार गया ,दुष्यंत ने चाचा अभय को जींद में  दी मात 


-----राजकुमार अग्रवाल ----

चंडीगढ़ । हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने 30 साल की उम्र में जींद की धरती पर 32 साल पुराने इतिहास को रविवार को दोहरा दिया। 32 साल पहले उनके परदादा चौधरी देवीलाल ने जींद की धरती पर ऐतिहासिक समस्त हरियाणा सम्मेलन किया था। अब 32 साल बाद उनके परपोते सांसद दुष्यंत चौटाला ने समस्त हरियाणा सम्मेलन में उसी अंदाज में अपार जुटाकर साबित कर दिया कि जनता में पैठ हो तो राजनीतिक नंबरदारी के लिए कोई जगह राजनीति में नहीं बचती है। उन्होंने रविवार को जींद में अपनी नई जननायक जनता पार्टी की लांचिंग के मौके पर आयोजित समस्त हरियाणा सम्मेलन में लोगों की उत्साही भीड़ जुटाकर खुद को जननायक चौधरी देवीलाल के असली उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित कर दिया। मंच से उन्होंने अपनी नई पार्टी का एक तरह से जो चुनावी घोषणा पत्र जनता के बीच प्रस्तुत किया,उसके जरिए वह जनता के तमाम वर्गों के लोगों को साधते हुए नजर आए।
रविवार को जींद में जननायक जनता पार्टी की लांचिंग के मौके पर आयोजित समस्त हरियाणा सम्मेलन में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि आयोजकों द्वारा की गई व्यवस्थाएं भीड़ के आगे दम तोड़ती नजर आई। 32 साल पहले जींद की ही धरती पर जब चौधरी देवीलाल ने अपने न्याय युद्ध की शुरूआत समस्त हरियाणा सम्मेलन से की थी, तब चौधरी देवीलाल के साथ कांग्रेस को छोड़कर बाकी तमाम राजनीतिक दलों के पूरे उत्तर भारत के बड़े नेता कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। कांग्रेस विरोधी तमाम दलों के नेताओं ने भी उनके समस्त हरियाणा सम्मेलन की कामयाबी के लिए पसीना बहाया था। चौधरी देवीलाल के परपोते सांसद दुष्यंत चौटाला ने अकेले अपने दम पर जींद की इसी धरती पर बहुत बड़ी समस्त हरियाणा सम्मेलन रैली का आयोजन कर अपने विरोधियों को दिखा दिया कि 30 साल का यह लड़का प्रदेश की राजनीति में बहुत धमाकेदार एंट्री मार गया है। दुष्यंत चौटाला को इसमें केवल अपने छोटे भाई दिग्विजय चौटाला और माता नैना चौटाला के अलावा उन समर्थकों और कार्यकर्ताओं का साथ मिला, जो कभी उनके पिता डा. अजय सिंह चौटाला और दादा ओमप्रकाश चौटाला के साथ काम करते थे। रैली के मंच से दुष्यंत चौटाला और उनके समर्थक कई नेताओं ने उन्हें अभिमन्यु बताते हुए कहा कि इस अभिमन्यु को घेरकर ढेर करने का प्रयास कुछ अपनों ने ही किया लेकिन वह सफल नहीं रहे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह अभिमन्यु हैं लेकिन उन्होंने चक्रव्यूह को भेदना अपने पिता डा. अजय सिंह चौटाला और मां नैना चौटाला से सीखा है। रविवार को जींद में उनके समस्त हरियाणा स मेलन में उमड़ी भीड़ से लगातार दुष्यंत-दुष्यंत के नारे ठीक उसी तर्ज पर लग रहे थे, जिस तरह 2014 के लोकसभा चुनाव के समय मोदी-मोदी के लगते थे। रैली में उमड़ी भीड़ से यह साफ हो गया कि इनैलो का संगठन भले ही पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला को सौंप दिया है लेकिन जनता में पैठ सांसद दुष्यंत चौटाला की है। सफल रैली के आयोजन से सांसद दुष्यंत चौटाला ने जननायक चौधरी देवीलाल की राजनीतिक नंबरदारी पर अपने चाचा अभय सिंह चौटाला की जगह अपना दावा मजबूती से ठोंक दिया। उन्होंने रैली के मंच से कहा भी कि हरी पगड़ी चौधरी देवीलाल की थी। उसके बाद यह उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला के सिर पर आई और इस पगड़ी पर उनके बाद उनके बड़े बेटे डा. अजय सिंह चौटाला का हक है। महज 3 महीने में ही सांसद दुष्यंत चौटाला ने छोटे भाई दिग्विजय चौटाला, माता नैना चौटाला और बीच में कुछ दिन के लिए अपने पिता डा. अजय सिंह चौटाला की मदद से प्रदेश की जनता में अपनी बहुत गहरी पैठ बनाकर उसे रविवार को जींद की उस धरती पर साबित भी कर दिया, जिस धरती पर आज से 32 साल पहले चौधरी देवीलाल ने प्रदेश में न्याय युद्ध की शुरूआत कर 1987 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का काम किया था। सांसद दुष्यंत चौटाला के विरोधी भी जींद में उनकी इतनी सफल रैली से हैरान हैं। 
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बिना संगठन, बिना पार्टी के सफल रैली-
सांसद दुष्यंत चौटाला ने बिना संगठन, बिना पार्टी, बिना झंडे के रविवार को जींद में भीड़ के लिहाज से बेहद सफल रैली का आयोजन कर जनता में अपनी गहरी पैठ साबित कर दी। इस रैली के लिए सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके समर्थकों ने रात-दिन एक कर दिया और रविवार को इसका नतीजा बेहद उत्साही और भारी भीड़ के रूप में सामने था। रैली के मंच से सांसद दुष्यंत चौटाला ने शालीनता का दामन एक पल के लिए भी नहीं छोड़ा।अपने दादा पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला का नाम ही पूरे आदर से नहीं लिया बल्कि भीड़ से उनकी जिंदाबाद का नारा भी लगवाया। साथ ही राजनीतिक रूप से उनसे उचित दूरी भी यह कहकर बनाई कि ओमप्रकाश चौटाला उनके परिवार के मुखिया हैं, मगर साथ ही विरोधी राजनीतिक दल के मुखिया भी हैं। चाचा अभय सिंह चौटाला का नाम दुष्यंत से लेकर दिग्विजय और नैना चौटाला किसी की जुबान पर भी नहीं आया। उन्होंने नई पार्टी के कोष में अपने वेतन का अब तक का 27 लाख रूपया डालने का ऐलान किया तो समर्थकों से नई पार्टी के लिए नोट और एक वोट का आह्वान ठीक उसी तर्ज पर किया, जिस तरह 1986 के अपने न्याय युद्ध में चौधरी देवीलाल ने किया था। 
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तमाम वर्गों को साधने का दुष्यंत का प्रयास
सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपनी समस्त हरियाणा स मेलन रैली के मंच से पार्टी का एक तरह से चुनावी घोषणा-पत्र रविवार को जारी कर दिया। इसमें बेरोजगारों, किसानों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों समेत तमाम वर्गों को साधने का उन्होंने प्रयास किया है। साथ ही उन्होंने 36 बिरादरी के लोगों को साथ लेकर चलने की बड़ी बात रैली के मंच से कही। इसके जरिए उन्होंने अभी तक इनैलो की एक जाति विशेष की पार्टी होने का लेबल अपनी नई पार्टी पर नहीं लगने देने का अपनी तरफ से गंभीर प्रयास किया है।

Monday, 26 November 2018

Rajkumar Aggarwal


सामाजिक मुद्दों के सहारे केजरीवाल की जाटलैंड में एंट्री
पहली बार कोई सीएम राजनीतिक रैली के बगैर कर रहा सियासी जमीन मजबूत
देवीलाल, हुड्डा, चौटाला, को जींद से मिली है सियासी मजबूती
                                 ====राजकुमार अग्रवाल ====
हरियाणा की राजनीति का केंद्र बिंदु माने जाने वाले जींद अथवा जाटलैंड में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समामाजिक व जनहित के मुद्दे उठाकर धमाकेदार एंट्री की है। केजरीवाल रविवार को दूसरी बार जींद में थे। केजरीवाल यहां एन्हांसमैंट के विरोध में प्रदेश के सैक्टर वासियों द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय रैली को संबोधित करने आए थे। यह आयोजन जहां पूरी तरह से गैर राजनीतिक था, वहीं इसमे प्रदेश भर से आये उन लोगों ने भाग लिया जो सरकार द्वारा बसाए सेक्टरों में रह रहे हैं। यह पहला मौका है जब कोई मुख्यमंत्री सामाजिक मुद्दों के सहारे राजनीतिक रैली किये बगैर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने में लगे है। केजरीवाल इससे पहले जींद में आयोजित अग्रवाल समाज के एक बड़े परिचय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए आए थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री के जींद दौरे के कई राजनीतिक मायने हैं। जींद को हार्ट ऑफ हरियाणा भी कहा जाता है। प्रदेश में अब तक सत्ता संभालने वाले सभी राजनीतिक दलों ने जींद में राजनीतिक रैलियों का आयोजन करके सियासी शक्ति हासिल की है लेकिन केजरीवाल पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने सामाजिक कार्यक्रम के माध्यम से जींद की धरती पर मजबूत कदम रखा है। इससे पहले चौटाला, हुड्डा, देवीलाल, बंसीलाल सरीखे नेता जींद में रैलियों का आयोजन करके हरियाणा में सियासी जंग शुरू करते रहे हैं। और अब इनेलो छोड़कर अपनी दूसरी पार्टी का ऐलान कर चुके सांसद दुष्यंत चौटाला भी 9 दिसंबर को जींद से ही अपनी सियासी जमीन तलाशेंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से चौटाला व चौधरी बीरेंद्र सिंह का क्षेत्र कहे जाने वाले जींद पहुंचे केजरीवाल ने इस बात के साफ संकेत दिए कि हरियाणा के राजनीतिक दल भले ही जातिवाद की लड़ाई में उलझे हुए हैं लेकिन उनका फोकस सभी को साथ लेकर चलने में होगा। वो जातिवाद, क्षैत्रवाद पर नही बल्कि सामाजिक मुद्दो पर ही राजनीति करेंगे। केजरीवाल ने जींद में सभी राजनीतिक दलों पर बरसते हुए कहा कि हरियाणा में किसी भी नेता ने आम व्यक्ति के हित की लड़ाई नही लड़ी। सभी दलों ने जातिवाद, क्षैत्रवाद पर फोकस रखा। केजरीवाल द्वारा जींद की धरती पर मजबूत दस्तक देकर न केवल दूसरे राजनीतिक दलों के सामने बड़ी लकीर खींची गई है बल्कि सामाजिक मुद्दो के सहारे आम लोगो की लड़ाई लडऩे की बात कहकर दूसरे दलों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया गया है।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा में हो रहे एन्हांसमैंट घोटाले के लिए सीधे तौर पर वर्तमान खट्टर सरकार के अलावा पूर्व की हुड्डा व चौटाला सरकारें भी जिम्मेदार हैं। यह करोड़ों रुपए का घोटाला है जिसमें सैक्टर वासियों व किसानों को लूटा जा रहा है। केजरीवाल रविवार को जींद के हैबतपुर रोड़ स्थित पार्क में हरियाणा स्टेट हुड्डा सैक्टर्स कांफीडरेशन द्वारा राज्यस्तरीय एन्हांसमैंट भगाओ आशियाना बचाओ रैली को संंबोधित कर रहे थे।

Sunday, 25 November 2018

Rajkumar Aggarwal

अब बस्ते के बोझ तले नहीं दब पाएगा बचपन

-भारत सरकार ने जारी किया सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित राज्यों के लिए पत्र

-कक्षा पहली से बारहवीं तक बस्ते का वजन भी किया सीमित

- कक्षा पहली में डेढ़ किलोग्राम व तीसरी से पांचवीं तक बस्ते में होगा 2 से 3 किलोग्राम वजन

चंडीगढ़, 25 नवम्बर:
अब बस्ते के बोझ तले बचपन नहीं दब पाएगा, जी हां हम यहां बात कर रहे हैं भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सरकुलर की, जिसमें कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ सीमित किया गया है। प्रत्येक कक्षा और बच्चे की उम्र के हिसाब से बस्ते का वजन भी निर्धारित होगा। आम तौर पर छोटी कक्षाओं में पढऩे वाले बच्चों की पीठ पर उनकी उम्र और उनके शरीर के वजन से भी ज्यादा बस्ते का वजन होता है। इस वजन को ढोते ढोते बच्चे भी पढ़ाई से उब जाते हैं।
भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सरकुलर के अनुसार कक्षा पहली और दूसरी में पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन डेढ़ किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि कक्षा तीसरी से कक्षा पांचवीं तक पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन 2 से 3 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसी तरह कक्षा छठी से आठवीं तक पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का वजन चार किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इतना ही नहीं कक्षा आठवीं से नौंवी तक बस्ते का वजन साढ़े चार किलोग्राम है। कक्षा दसवीं से बारहवीं में पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन पांच किलोग्राम से अधिक नहीं होगा।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेाश् अध्यक्ष बृजपाल परमार व प्रदेश महामंत्री भारत भूषण बंसल ने बताया कि भारत सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त सभी निजी स्कूलों द्वारा कक्षा पहली व दूसरी कक्षा के बच्चे को कोई भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा। इसके साथ साथ कक्षा पहली से दूसरी तक भाषा, गणित विषय से सम्बंधित केवल दो ही किताबें अनिवार्य हैं, जबकि कक्षा तीसरी से पांचवीं तक भाषा, ईवीएस, गणित विषय की केवल एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। छात्र के बैग यानी बस्ते में कोई भी अतिरिक्त किताब या वजन नहीं होना चाहिए। बृजपाल परमार ने बताया कि भारत सरकार ने अपने सरकुलर में सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को सख्त हिदायतें दी हैं कि कक्षावार बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
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ये है कक्षावार बस्ते के बोझ का वजन
कक्षा बस्ते का वजन
पहली से दूसरी 1.5 किलोग्राम
तीसरी से पांचवीं 2 से 3 किलोग्राम
छठी से आठवीं 4 किलोग्राम
नौंवी से बारहवीं 5 किलोग्राम
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दिसम्बर को हाई कोर्ट में होनी है मामले की सुनवाई: बृजपाल परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार व प्रदेश महामंत्री भारत भूषण बंसल ने बताया कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें लागू किए जाने सम्बंधी मामले की सुनवाई दिसम्बर माह में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में होनी है। न्यायालय में दायर की गई याचिका में खासतौर पर निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से निजी प्रकाशकों के साथ सांठगांठ कर मोटा मुनाफा कूटने की नियत से बच्चों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर पाठयक्रम की पुस्तकें थोपने की शिकायत दी गई थी। इसी मामले में अब अगली सुनवाई 6 दिसम्बर को हाई कोर्ट में होगी।
Rajkumar Aggarwal

भाइयों की राहें जुदा
अजय चौटाला ने की नई पार्टी बनाने की घोषणा
बोले-इनेलो और चश्मा अभय को मुबारक हो
(-राजकुमार अग्रवाल की रिपोर्ट )
कैथल -जींदमें आज  इनेलो में चल रही सियासी खींचतान के बीच शनिवार को इनेलो दोफाड़ हो गई और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय चौटाला ने नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी। उन्होंने जींद में बुलाई कार्यकर्ताओं की बैठक में निर्णय लेने के बाद कहा कि इनेलो और चश्मा छोटे भाई को मुबारक हो। वो इसे संभालकर रखे, क्यों कि वे मेरा अजीज है। हम तो नई पार्टी बनाएंगे। अभी पार्टी के नाम और झंडे की घोषणा नहीं की है। यह घोषणा एक सप्ताह के अंदर कानूनी अड़चनें पूरी करके की जाएगी। इनेलो में मचा घमासान आज अंतिम मोड़ पर पहुंच गया और दोनों भाइयों अजय सिंह चौटाला और अभय सिंह चौटाला की राहें आज जुदा हो गईं। इस तरह हरियाणा का मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल अब दो फाड़ हो गया है। इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के दोनों पुत्र अब अलग-अलग पार्टी में रहेंगे। इंडियन नेशनल लोकदल पर हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला का कब्जा रहेगा और ओम प्रकाश चौटाला के बड़े पुत्र अजय सिंह चौटाला 9 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा करेंगे। जींद में अजय चौटाला ने नई पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए कहा, इनेलो और चश्मा छोटे भाई बिल्लू (अभय चौटाला) को गिफ्ट करता हूं। अभय चौटाला खेमे की चंडीगढ़ हरियाणा पंचायत भवन में बैठक हुई तो अजय चौटाला गुट की बैठक जींद में हुई। अभय चौटाला के साथ 13 विधायक और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य व प्रदेशभर से पदाधिकारी उमड़े। दूसरी ओर, इनेलो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनंतराम तंवर और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी बांगड़ भी अजय व दुष्यंत चौटाला के समर्थन में आ गए। जींद में अजय चौटाला की बैठक में इनेलो के कई प्रदेश प्रकोष्ठों के पदाधिकारी,पूर्व विधायक और जिला अध्यक्ष व पदाधिकारी आए।
जींद में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में अजय चौटाला ने अलग पार्टी चुनने का ऐलान करते हुए कहा कि अपने छोटे भाई बिल्लू (अभय चौटाला) को इनेलो और चश्मा गिफ्ट करता हूं। अजय ने घोषणा की कि अगले तीन हफ्तों में नई पार्टी का झंडा झंडा तैयार हो जाए। अजय चौटाला 9 दिसंबर को जींद में रैली करेंगे। नई पार्टी के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे। अजय ने कार्यकारिणी की बैठक में कहा, हमारे सामने तीन विकल्प है। उन्होंने कहा पहला विकल्प है इनेलो और चश्मे पर दावा करें तो बैठक में उपस्थित नेताओं ने इसका विरोध किया। दूसरा विकल्प-किसी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन करें तो इसका भी विरोध हुआ। अजय चौटाला ने नई पार्टी का गठन करने का विकल्प दिया तो सभी ने हाथ उठा कर समर्थन किया। अजय खेमा ने जींद के देवीलाल मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन भी किया। अजय सिंह चौटाला द्वारा बुलाई गई कार्यकारिणी की बैठक में काफी संख्या में इनेलो के पदाधिकारी भी आए। इनमें कई प्रदेश पदाधिकारी व जिला अध्यक्ष शामिल रहे। इस बैठक में पदाधिकारियों के इनेलो से सामूहिक तौर पर इस्तीफे लिए गए। इस बैठक में नैना चौटाला सहित तीन विधायक मौजूद थे।
अजय चौटाला ने इसमें कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। अजय चौटाला ने पिता की उक्तियों की चर्चा करते हुए कहा,याचना नहीं अब रण होगा। उन्होंने अभय चौटाला पर हमला करते हुए फिर उन्हें दुर्योधन कह कर संबोधित किया। उन्होंने महाभारत की चर्चा करते हुए अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा, ओमप्रकाश चौटाला महाभारत की कहानी सुनाते हुए दुर्योधन को अन्याय और हिंसा का प्रतीक बताते थे। यह दुर्योधन हिंसा का उत्तरदायी है और यह धराशाई भी होगा। उन्होंने कहा,भारी संख्या में इनेलो के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे सौंपे हैं। 20 नवंबर को जेल वापस जाऊंगा तो ये इस्तीफे ओम प्रकाश चौटाला साहब को सौंप दूंगा। उनको बताऊंगा कि यह असली इनेलो है। सम्मेलन में उन्होंने कई नेताओं के बनने वाले नए दल के साथ जुडऩे का ऐलान भी किया।

इनेलो के कैडर पर कब्जे की होड़ मचेगी
दोनों भाइयों के अलगाव के बाद यह साफ हो गया कि राज्य में अब इनेलो के कैडर पर कब्जे की होड़ मचेगी। अभय चौटाला के साथ खुद के अलावा 13 विधायक हैं और अजय चौटाला के खेमे में उनकी पत्नी नैना चौटाला सहित तीन विधायक हैं। इंडियन नेशनल लोकदल की चंडीगढ़ में हो रही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अभय सिंह चौटाला के साथ 13 विधायक शामिल हुए। चार विधायक इस बैठक में नहीं आए। फरीदाबाद एनआइटी के विधायक नगेंद्र भड़ाना भाजपा के साथ हैं। नैना चौटाला के साथ-साथ अनूप धानक और राजदीप फोगाट खुलकर अजय सिंह चौटाला गुट के साथ हो गए हैं।

कार्यकर्ताओं के इस्तीफे जेल लेकर जाऊंगा और चौटाला को दिखाऊंगा
कार्यकर्ताओं बैठक में अजय चौटाला द्वारा एक फॉर्म बांटा गया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रुप से इनेलो से इस्तीफा लिखवाया है। उन्होंने कहा कि इन इस्तीफों को तिहाड़ लेक जाऊंगा और अपने पिता चौटाला को दिखाउंगा। ये देखो इनेलो सामूहिक रुप से छोड़ दी है।

9 दिसंबर को बुलाई रैली:
अजय चौटाला ने नई पार्टी के लिए 9 दिसंबर को रैली बुलाई है। इस रैली में नई पार्टी की विधिवत रुप से घोषणा की जा सकती है। उन्होंने पार्टी की बागडोर पूरी तरह दुष्यंत के हवाले करने के संकेत दे दिए हैं और जनता को कहा है कि दुष्यंत को आप लोगों को सौंप कर जा रहा हूं, इसे संभालकर रखना। अजय चौटाला ने अपने भाषण के दौरान अभय चौटाला पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे कहा जाता है कि मैंने राजस्थान की राजनीति की है। मैंने कम से कम इनेलो की राजनीति तो की लेकिन अभय से पूछे कि वो कब राजस्थान जाता है।अभय इनेलो के लिए नहीं बल्कि अपने साले के लिए बीजेपी की वोट मांगने राजस्थान जाता है। आज फिर राजस्थान में नोमिनेशन है अभय फिर वहां जाएगा।अजय चौटाला ने इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन को लेकर फिर से स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि इनसो उनके द्वारा बनाई गई स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन है। इसे भंग करने का किसी को अधिकार नहीं है।

सीएम बनने के लिए नहीं सम्मान की लड़ाई लड़ी:
अजय चौटाला ने कहा कि 5 नवंबर को जब से बाहर आया मैंने कभी पार्टी विरोधी बात नहीं की लेकिन फिर भी पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। मैंने 662 किलोमीटर लंबी जन आंक्रोश यात्रा क्या सीएम बनने के लिए की थी क्या। शिक्षक भर्ती घोटाले में न तो एफआईआर, न कोई गवाही, न चार्ज फिर भी 10 साल की सजा काट रहा हूं। क्या सीएम बनने के लिए ऐसा किया था। नहीं, लोगों के सम्मान की लड़ाई के लिए ऐसा किया था।

दादा ओमप्रकाश चौटाला को खड़ा कर दूंगा इसी मंच पर:दुष्यंत
जींद में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राम ने लव-कुश को बाहर निकाला था, राम को उनके पिता ने निकाला था। इसका मतलब ये नहीं कि उन्होंने संघर्ष करना छोड़ दिया था। हम अंत तक इतनी मेहनत करेंगे कि अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला को इसी मंच पर खड़ा कर देंगे। दुष्यंत ने कहा, हम जोड़ते रहे और वह तोड़ते रहे। हम मिलते रहे फिर भी वे धमकाते रहे। अब वक्त आ गया है करारा जवाब दिया जाए और कार्यकर्ताओं के अपमान का बदला लिया जाए।

चौटाला परिवार का राजनीतिक बंटवारा
इन्होने की पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा-
जींद की बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। जिनमें प्रमुख रूप से पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनंतराम तवंर, इनेलो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलवती देवी,इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव ब्रिज शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. केसी बांगड, राष्ट्रीय सचिव कंवर सिंह कलवाड़ी, पूर्व मंत्री जगदीश नैय्यर, पूर्व स्पीकर सतबीर कादियान, पूर्व मंत्री हरिसिंह सैनी, पूर्व विधायक निशान सिंह, पूर्व विधायक गंगाराम,पूर्व विधायक विरेंद्रपाल, पूर्व विधायक मूलाराम, पूर्व विधायक मक्खन सिंह, पूर्व विधायक रणसिंह बैनिवाल, पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान, पूर्व विधायक रामकुमार सैनी, पूर्व विधायक ईश्वर पलाका, एससी सैल के प्रदेशाध्यक्ष अशोक शेरवाल, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, बीसी सैल के प्रदेशाध्यक्ष तेलूराम जोगी, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश कादियान, जींद जिला प्रधान कृष्ण राठी, झज्जर जिला प्रधान राकेश जाखड़, महेंद्रगढ़ जिला प्रधान सतबीर सिंह नौताना, मेवात के जिला प्रधान बदरूद्दीन,सोनीपत जिला प्रधान पदम सिंह दहिया, दादरी के प्रधान रहे नरेश द्वारका, सोनीपत के पूर्व प्रधान कुलदीप मलिक, हिसार के निवर्तमान प्रधान राजेंद्र लितानी, सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी जयप्रकाश कंबोज, कार्यकारिणी सदस्य भूदेव शर्मा, युवा इनेलो के प्रदेश प्रभारी प्रदीप गिल, निवर्तमान युवा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सांगवान,अंबाला से लोकसभा प्रत्याशी रही एवं इनेलो की वरिष्ठ नेत्री व कार्यकारिणी सदस्य कुसुम शेरवाल,इनसो के प्रभारी रणधीर सिंह चीका, के निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य धर्मपाल छौत, कार्यकारिणी सदस्य तूहीराम भारद्वाज, कार्यक ारिणी सदस्य धर्मपाल मकड़ौली, राजकुमार रिढाऊ सदस्य पूर्व चेयरमैन दयानंद कुंडू सहित सैंकड़ों पदाधिकारी शामिल हैं। दिल्ली प्रदेश की समस्त इनेलो कार्यकारिणी ने इनेलो से इस्तीफा देकर डा. अजय सिंह चौटाला को समर्थन देने का ऐलान किया। जिनमें प्रमुख रूप से दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरिसिंह राणा, दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता दिनेश डागर, वरिष्ठ उपप्रधान ओमप्रकाश सहरावत, हेमचंद्र भट्ट, प्रचार सचिव जयवीर गांधी, कार्यालय सचिव प्रदीप शौकीन, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विक्रम देशवाल, पूर्व सैनिक सेल के प्रधान गोपाल सिंह मोर हैं। इसके अलावा हरियाणा प्रदेश के इनेलो के जिला स्तरीय, हलका स्तरीय एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों ने इनेलो छोड़ कर अजय सिंह का साथ देने की घोषणा की और कल से पूरे प्रदेश में औपचारिक रूप से जिलेवार इस्तीफा देने का क्रम चलेगा। पूर्व विधायक एवं कांग्रेसी नेता नफे सिंह वाल्मीकि ने कांग्रेस पार्टी छोड़ कर आज अजय चौटाला को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर विधायक राजदीप फौगाट, विधायक अनूप धानक, विधायक नैना सिंह चौटाला, इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

एन्हांसमेन्ट घोटाले के लिए हुड्डा, चौटाला व खट्टर दोषी:अरविंद केजरीवाल

Rajkumar Aggarwal

एन्हांसमेन्ट घोटाले के लिए हुड्डा,
चौटाला व खट्टर दोषी:अरविंद केजरीवाल
जींद,25नवंबर:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा में हो रहे एन्हांसमैंट घोटाले के लिए सीधे तौर पर वर्तमान खट्टर सरकार के अलावा पूर्व की हुड्डा व चौटाला सरकारें भी जिम्मेदार हैं। यह करोड़ों रुपए का घोटाला है जिसमें सैक्टर वासियों व किसानों को लूटा जा रहा है।

केजरीवाल रविवार को जींद के हैबतपुर रोड़ स्थित पार्क में हरियाणा स्टेट हुड्डा सैक्टर्स कांफीडरेशन द्वारा राज्यस्तरीय च्एन्हांसमैंट भगाओ आशियाना बचाओज् रैली को संंबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सत्ता में आते ही एन्हांसमैंट खत्म करने की घोषणा की।

केजरीवाल ने सैक्टर वासियों की लड़ाई को पूरी तरह से जायज करार देते हुए कहा कि सरकार कभी एन्हासमेंट तो कभी लैस कन्वैंस के नाम पर लोगों को लूट रही है। केजरीवाल ने कहा कि एन्हासमेंट के विरोध में आम आदमी पार्टी इस लड़ाई में प्रदेश के सभी सैक्टर वासियों के साथ रहेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने चहेते अफसरों और विभाग के भ्रष्टाचार को छिपाने में लगे हैं। हुडा सेक्टरों के निवासियों के एन्हासमेंट में हरियाणा सरकार कानून और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुसार उनकी दोबारा रि-कैलकुलेशन की मांग का समर्थन करती है। जब सभी सेक्टरवासी कोर्ट के आदेशानुसार राशि देने को तैयार हैं, लेकिन सेक्टर वासियों को डिमांड नोटिसों के साथ दी गई कैलकुलेशन शीट में भारी गड़बडियां हैं। केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार की गलत नीतियों के कारण आज प्रदेश के किसान व आम लोग परेशान हैं।

हिसार व पंचकूला में किसान बैंक खातों के नाम पर हुए घोटाले के लिए परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जिम्मेदार ठहराते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ सैक्टर वासियों से १५ प्रतिश ब्याज वसूला जा रहा है और आगे किसानों को दिया नहीं जा रहा है। सबकुछ पता होने के बावजूद मुख्यमंत्री इस घोटाले की जांच नहीं करवा रहे हैं और प्रदेश की जनता को हिसाब नहीं दे रहे हैं। जिससे यह साफ होता है कि इस घोटाले को मुख्यमंत्री द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने लोगों के समर्थन से कहा कि सरकार एक माह के भीतर एन्हासमेंट नोटिसों पर प्रदेश के लोगों को हिसाब दे अन्यथा नोटिसों की होली जलाई जाएगी।

इससे पहले केजरीवाल का यहां पहुंचने पर जहां हरियाणा स्टेट हुड्डा सैक्टर्स कांफीडरेशन के अध्यक्ष यशवीर मलिक, पदम सिंह अहलावत ने केजरीवाल का यहां पहुंचने पर स्वागत किया। हरियाणा सरकार के विरूद्ध आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि वर्तमान सरकार से प्रदेश के मजदूर,व्यापारी कर्मचारी, किसान व सैक्टर वासी सभी नाराज हैं। जयहिंद ने एन्हासमेंट को नासमेंट का नाम देते हुए कहा कि यही मुद्दा भाजपा के नाश का कारण बनेगा।

जयहिंद ने लोगों से हाथ खड़े करवाकर सरकार के विरूद्ध प्रस्ताव पारित करवाते हुए कहा कि हरियाणा में प्रत्येक समस्या का समाधान भाजपा है, जिसे सत्ता से बाहर करना जरूरी है। इस अवसर पर हरियाणा स्टेट हुड्डा सैक्टर्स कांफीडरेशन के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इसी में बाक्स-----

केजरीवाल ने पेश किए प्रस्ताव हजारों लोगों ने किया समर्थन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जींद में सैक्टर वासियों की जनसभा के दौरान उनकी समस्याओं व मांगों को जायज ठहराते हुए प्रस्ताव पेश किए जिनका हजारों लोगों ने स्वागत किया।

--एक माह में एन्हासमेंट का हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए। वर्ना जनता यह मान लेगी कि यह पैसा मुख्यमंत्री के पास जा रहा है।

--एक माह में अगर हिसाब-किताब नहीं दिया गया तो नोटिसों की होली जलाई जाएगी।

--15प्रतिशत ब्याज वसूली बंद करके सरकार हिसाब दे और जनता का पैसा वापस करे।

--सरकार जो हिसाब दे उसकी ऑडिट करने के लिए सैक्टर वासी,सरकार व किसानों की कमेटी बने।

--जो लोग इस घोटाले में शामिल हों उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की जाए।


वोट जिसे चाहे दो, लेकिन आपकी समस्या जायज है
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जब जींद में पहुंचे तो उनसे पहले भाषण देने वाले कई वक्ताओं ने इस मुद्दे को राजनीति से जोडक़र बात की, लेकिन जैसे ही केजरीवाल ने माइक संभाला तो उन्होंने साफ कर दिया कि इस पंडाल में अलग-अलग राजनीतिक दलों को मानने वाले लोग हो सकते हैं। वह वोट चाहे जिसे मर्जी दें। क्योंकि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है और न ही वह वोट मांगने के लिए आए हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनकी मांगे जायज हैं और वह उनका समर्थन करते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो वह सैक्टर वासियों के साथ सरकार के विरूद्ध धरना भी देंगे।

एन्हासमेंट के मुद्दे पर सैकड़ों पन्नों की फाइल साथ लाए
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा में चल रहे एन्हासमेंट के मुद्दे पर एक फाइल भी अपने साथ लाए। सैंकड़ों पन्नों की यह फाइल सैक्टर वासियों ने केजरीवाल को दी थी। जिसे पढऩे के बाद उन्होंने मंच से यह फाइल लहराते हुए कहा कि वह बिंदुवार इस केस को समझने के बाद ही यहां संघर्ष का समर्थन करने के लिए आए हैं।

Friday, 16 November 2018

कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे

Rajkumar Aggarwal


कैथल पुलिस की भूमिका आपराधिक गतिविधियों में शामिल ना रही हो ऐसा नहीं संभव -एसपी आस्था मोदी चाहे कुछ भी कहे -
कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे  
 
कैथल, 16 नवम्बर (राजकुमार अग्रवाल ):
हरियाणा पुलिस आम तौर पर बदनाम है ,अपने राजनीतिक आकाओं के लिए कुछ भी कर सकती है हर रोज अख़बारों की सुर्खियां  हरियाणा पुलिस की असलियत ब्यान करती रहती है लेकिन खाकी पर इन सबका कोई असर दिखाई नहीं देता उल्टा निर्दोष लोगो और आम जन को परेशान करने के लिए समय तलाशती रहती है ,ऐसे में कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे की उनके कार्यकाल में जिला कैथल में अमन चैन  रहा लेकिन जिला कैथल की जनता को सब मालूम है की आंकड़ों से ही प्रशासन चलता है लेकिन  जिला पुलिस कप्तान क्योंकर अपने महकमे को निक्क्मा या बदनाम बताएगी और क्यों अपने महकमे की कमियां जनता के सामने लाएगी आखिर आस्था मोदी है टी पुलिस अधिकारी ही  और उन्हें अपने मातहतों से जिला संभालना होता है ,ऐसे में आस्था मोदी के कार्यकाल में जिला कैथल में अनेक वारदातें और घटनाये घटी लेकिन आज एसपी साहिबा ने अपने महकमे की कमियां बताने की बजाये वही रटा रटाया दोहराया की जिला कैथल पिछले वर्षों की तुलना आपराधिक गतिविधियां काम हुई ,और पुलिस की छवि आम जनता के बीच सुधरी यानी एसपी महोदया मानती है की जनता के बीच पुलिस की क्या इमेज है ,लेकिन इन सबसे हरियाणा पुलिस को कोई फर्क नहीं पड़ता ,बदनामी हरियाणा पुलिस के लिए एक तगमा है जो हमेशा लगा रहेगा ,आज भी आम जन पुलिस थाने में जाने से डरता है  क्योंकि उसे मालूम है  पुलिस कभी किसी की नहीं होती ,उल्टा उसको परेशान ही करेगी ,इसलिए कैथल पुलिस कप्तान आस्था मोदी का एक वर्ष कैथल में बीत गया इस दौरान भी अनेक असमाजिक गतिविधियां हुई  ,कैथल पुलिस की खामिया भी खुल कर सामने आई ,कैथल जिले में पिछले कुछ माह से सरे आम हज़ारों करोड़ का लेनदेन ,सोने की तस्करी की खुले आम हुई ,अखबारों की सुर्खियां भी बनी  जिसमे कैथल पुलिस की मिलीभगत को नकारा नहीं गया ,क्योंकि बिना स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के ऐसे अपराध संभव नहीं है ,यही नहीं आस्था मोदी जिला पुलिस कप्तान कितनी भी अपनी और अपने महकमे की पीठ थपथपाये ,सोने की तस्करी और हज़ारों करोड़ के लेनदेन में पुलिस की मिलीभगत को नकार नहीं सकती ,पुलिस कप्तान अपने मुँह से कुछ ना भी बोले जिले की जनता सब जानती है ,जिले में आपराधिक गतिविधियों में जिला कैथल पुलिस शामिल है बिना पुलिस की भागीदारी के अपराध नहीं हो सकते यह संभव ही नहीं है ,लेकिन आज कैथल पुलिस कप्तान ने अपना एक वर्ष कैथल में पूरा किया  इसलिए गुणगान करना तो जरूरी है ऐसे में आस्था मोदी जैसी लायक पुलिस अधिकारी क्योंकर पीछे रहती उन्होंने भी वही किया जो करना चाहिए था अपने पुलिस महकमे की सारी गलतियां  अपराधों को दबा दिया ,उन्होंने अपने ब्यान में ऐसी कोई बात नहीं की जिससे पुलिस की छवि में सुधार हुआ हो खैर जब सुरक्षा करने वाले ही अपराधी हो या अपराधी का साथ देने लगे तो थानेदार भी क्या करेगा वो बेचारा तो अपने मातहतों और सरकार के अधीन है आज आस्था मोदी का तबादला भी हो गया ऐसे में जिला पुलिस में वही सब चलता रहा जो पहले चलता रहता था फर्क सिर्फ इतना है की पुलिस की आपराधिक गतिविधियों और अप्राद्यियों की सरक्षण देने में कैथल पुलिस हमेशा आगे रही है जिला पुलिस कप्तान चाहे कोई भी रहा हो  ऐसे में एसपी आस्था मोदी आईपीएस के एक वर्ष के कार्यकाल दौरान जिला पुलिस विभाग द्वारा क्षेत्र में निरंतर अमन-चैन एवं कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए निष्ठापूर्वक कर्तव्यपालना करने के दृष्टिगत आम जन-मानस की नजर में पुलिस छवि काफी बेहतर हुई है। काबिले जिक्र है कि 16 नवम्बर 2017 को पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी की बतौर कैथल पुलिस कप्तान नियुक्ति हुई थी, जिनका 15 नवम्बर को कैथल में एक वर्ष का कार्यकाल संपन्न हो गया है। विदित रहे कि बीते वर्ष के आंकड़ो के तुल्नात्मक इस वर्ष के अपराध ग्राफ आंकडों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवसर पर पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों का तनाव दूर करने के साथ नई उर्जा व स्फूर्ती का संचार करते हुए गैट-टू-गैदर प्रोग्राम अंतर्गत  पुलिस लाईन में एसपी आस्था मोदी द्वारा पार्टी आयोजित की गई, जिसमें जिला के सभी थाना, चौकी के पुलिस कर्मचारी-अधिकारियों व उनके पूरे परिवार को आंमत्रित किया गया। इस महाभोज में जिला पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर उच्चाधिकारियों व उनके परिजनों सहित 1200 से ज्यादा व्यक्तियों ने उत्साह पूर्वक डिनर लिया, जिसकी मेजवानी स्वमं पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई। काबिजे जिक्र है कि इस प्रकार के आयोजन दौरान पुलिस कर्मचारियों का उच्चाधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होने कारण उनके मनोबल में ईजाफा होने के अतिरिक्त कर्मचारी व अधिकरी निष्ठा भाव से कर्तव्यपालना के लिए प्रेरित होते है। कैथल जिला पुलिस ईतिहास में यह इस प्रकार का प्रथम आयोजन हुआ है, जिसके कारण न सिर्फ पुलिस कर्मचारियों के मनोबल में ईजाफा हुआ, अपितू उनके परिवार सदस्य भी स्वमं को गौरवांतित महसूश करते हुए घर पर देर सवेर पहुचने वाले पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों पर गर्व महसूस कर रहे थे। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लाईन में पार्क में आयोजित किए गये बड़ा खाना के लिए एसपी आस्था मोदी द्वारा व्यक्ति रुची लेते हुए लाईन में ही स्वादिष्ट खाना तैयार करवाया गया, जिसमें 4-5 प्रकार की सब्जी, 2/3 प्रकार की मिठाईयां, टॉमटो सूप, काफी सहित काफी व्यंजन शामिल थे। पुलिस विभाग द्वारा इस आयोजन को विभाग के त्यौहार स्वरुप मनाया गया।
 
बॉक्स--सेल्फी का रहा क्रेज :
पार्टी में पहुंचे पुलिस कर्मचारियों के बच्चों में जहां पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ सेल्फी लेने का क्रेज बना रहा, वहीं महिलाओं द्वारा एसपी आस्था मोदी के साथ उमंग व उत्साह पूर्वक फोटो खिचंवाई गई। एसपी द्वारा इस दौरान किशोर बेटीयों के साथ सेल्फी व फोटो दौरान निरंतर उत्साह के साथ सहयोग देते हुए बच्चीयों के माता-पिता को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए प्रेरित किया गया। उन्होने बताया कि बेटी के पढाने से बच्ची के माता-पिता व ससुराल दोनों घरों में खुशहाली आती है। 
 
बॉक्स--महिलाओं को करना चाहिए पुलिस कर्मीयों पर गर्व :
पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने बड़ा खाना पर लाईन में परिवार के साथ पहुंची पुलिस कर्मचारियों की पत्नी के साथ मधुरता पुर्वक संवाद कायम करते हुए उनको बताया कि आपके पति अधिकांशत: देर-सवेर घर पहुंचते होगें, परंतु उन पर झुंझलाने की अपेक्षा आपको गर्व होना चाहिए, कि उनके द्वारा की जा रही दिन-रात निष्ठापूर्वक गश्त  व नाकाबंदी कारण शहर व गांव सुख की नींद सोता है। 
 
बॉक्स-- पुलिस कर्मियों में हुआ नई उर्जा का संचार :
उच्चाधिकारियों के एक टेबल पर खाने का आंनद लेने कारण पुलिस विभाग के सिपाही व हवलदार में नई उर्जा का सचांर हुआ है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा उनके साथ किए गये मधुर व्यवहार व सीधे संवाद कारण उनका हर प्रकार का तनाव दूर हुआ है, तथा वे उच्च मनोबल के साथ कर्तव्यपालना करते हुए अपराध पर लगाम कसेंगे। सिपाही-हवलदार व दूरस्थ चौकीयों में तैनात कर्मचारियों का उच्चाधिकारियों के साथ सीधा प्रोग्राम दौरान सीधा संवाद होनें कारण उनके मध्य की दूरीयां कम होनें से कर्मचारियों का हौसला बढ़ा, जिन्होनें बताया कि अब से दुख-सुख की घड़ी में नए हौसले के साथ उच्चाधिकारियों के साथ विचार सांझा कर सकेगें, तथा नई स्फूर्ती से डयूटी कर सकेंगे।