Monday, 26 December 2016

उधम सिंह ने जरनल डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था-राज्यपाल आचार्य देवव्रत

उधम सिंह ने जरनल डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था-राज्यपाल आचार्य देवव्रत

यमुनानगर, 26 दिसम्बर (AHN)रादौर कम्बोज धर्मशाला में बड़े ही उत्साह व हर्षोंउल्लास के साथ शहीद उधम सिंह जंयती समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी थे। समारोह में विशेष रूप से रादौर के विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा, एसडीएम भारत भूषण कौशिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति काम्बोज धर्मशाला के प्रधान रणबीर सिंह काम्बोज, सतपाल बुबका, कमल चमरोडी, मार्किट कमेटी के चेयरमैन, जरनैल सिंह पंजेटा, कर्मबीर काम्बोज धानुपुरा सहित काम्बोज धर्मशाला के सदस्य एवं रादौर के तहसीलदार अशोक कुमार आदि मौजूद थे। 
 

 
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यातिथि एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि लम्बे समय से रादौर मेरा कार्य क्षेत्र रहा है और मैं इस क्षेत्र के लोगों से भलीभांति परिचित भी हूं और इस क्षेत्र से मेरा काफी लगाव भी है। उन्होंने शहीद उधम सिंह के बारे में बोलते हुए कहा कि शहीद उधम सिंह काम्बोज जाति के लिए गौरव के प्रतीक और मानवता एवं देश के लिए अपने जीवन का बलिदान करने वाले महान क्रान्तिकारी थे। उन्होंने कहा कि देश व समाज पर मर मिटने वाले योद्वा किसी जाति विशेष के नहीं बल्कि पूरे समाज के होते हैं। उन्होंने कहा कि 26 दिसम्बर 1899 को उधम सिंह का जन्म जिला संगरूर(पंजाब)में सामान्य परिवार में टहल सिंह के घर हुआ था। 
देवव्रत जी ने समारोह में बोलते हुए कहा कि रोल्ट एक्ट के विरोध में जलियांवाला बाग में काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे, जिन पर जरनल डायर ने अपने सैनिकों के साथ निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना से विचलित होकर शहीद उधम सिंह ने जरनल डायर से बदला लेेने का निर्णय किया था। उधम सिंह दसवीं की परीक्षा उतीर्ण करने के बाद व लकड़ी व्यापारी की मदद से अमेरिका गए, लेकिन वहां पर भी उनको जरनल डायर से बदला लेने की घटना विचलित करती रही और कुछ दिन बाद वापिस भारत आ गए और अंग्रेजी हकूमत के खिलाफ आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें बंदी बनाकर 4 साल तक कैद में रखा। इस प्रकार काफी इन्तजार करने के बाद लन्दन मेें इण्डिया हाऊस में बैठक के दौरान उधम सिंह ने जरनल डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। 
राज्यपाल ने बताया कि दुनिया के इतिहास में इस प्रकार के दो क्रान्तिकारी व्यक्ति हुए हुए है, जिन्होंने देश के गौरव व अस्मिता का बदला लेने के लिए दुश्मन के देश में जाकर बदला लिया था, जिनमें त्रेता युग में श्री राम ने रावण के घर जाकर रावण को मारा था और आज के युग में शहीद उधम सिंह ने जरनल डायर को उसके घर में जाकर मारा था। हमें ऐस महान योद्वाओं, बलिदानियों को नमन करना चाहिए और ऐसे लोगों का जन्म दिन हमें बड़ी खुशी के साथ मनाना चाहिए। 
राज्यपाल देवव्रत ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि हमें इन महान योद्वाओं के जीवन से शिक्षा लेकर समाज में फैली बुराईयों को खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज युवा पथभ्रष्ट हो रहे है और युवाओं में नशे जैसी बुराईया पैदा हो रही है, नशे के कारण आज युवा समाज की मुख्य धारा से दूर होते जा रहे है और यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह देश के लिए बड़ा दुर्भाग्य होगा। उन्होंने कहा कि जिस कौम के युवा पढ़े लिखे होगें, उस कौम को प्रगति के रास्ते पर आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि आज अज्ञानता के कारण परम्पराएं खत्म होती जा रही है और संयुक्त परिवार टूट रहे है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें संस्कारवान बनाएं ताकि वे पढ़ लिखकर देश की उन्नति में भागीदार बन सके। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की मुहिम हरियाणा से शुरू की है और हम सभी को इस मुहिम में भागीदार होकर बेटियों को बचाने का संकल्प लेना चाहिए और समाज में फैली दहेज प्रथा व कन्या भ्रुण हत्या जैसी बुराई को समाज से जड़ से खत्म करना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने काम्बोज धर्मशाला रादौर के लिए एक लाख रूपये देने की भी घोषणा की। 
समारोह में मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा ने कहा कि देश को आजादी दिलाने वाले उन सभी योद्वाओं को नमन करना चाहिए और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश की उन्नति में अपना सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए हमारे युवाओं ने काफी संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का बीड़ा उठाया है और प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि मैं न खाऊंगा और न ही खाने दूंगा। उन्होंने देश के लोगों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई है और इन योजनाओं का लाभ भी लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए हमें देशहित के लिए मिलकर काम करना होगा। इस मौके पर उन्होंने काम्बोज धर्मशाला रादौर के लिए 5 लाख रूपये देने की घोषणा भी की। 
इस अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। रक्तदान शिविर में काफी संख्या में युवाओं ने बढ़चढ़ कर रक्तदान किया। 
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