Friday, 23 December 2016

खिलाड़ी जोखिम उठाते है,आर्थिक मदद नही मिल पाती और मात्र कागजों में मात्र मदद की घोषणा कर रह जाती है

खिलाड़ी  जोखिम उठाते है,आर्थिक मदद नही मिल पाती और मात्र कागजों में मात्र मदद की घोषणा कर रह जाती है 
कैथल 23 दिसम्बर
देश की शान के लिये खिलाड़ी विभिन्न प्रकार के जोखिम उठाते है, परन्तु उनको किसी भी सामाजिक संस्था व सरकार से कोई आर्थिक मदद नही मिल पाती और मात्र कागजों में मात्र मदद की घोषणा कर रह जाते है।  जिसके चलते खिलाड़ी अपना मन मार कर रह जाते है। यही हुआ पाई के विक्रम पांचाल के साथ। उसकी तमन्ना देश के लिये कुछ कर दिखाने की है, परन्तु उसके आड़े उसकी आर्थिक स्थित आ रही है। विक्रम पांचाल ने बताया कि थक हार कर वह छोटे- छोटे अभियान चलाये हुये है। उसने अब 19 दिसंबर को शेव वाटर, शेव एनिमल अभियान के तहत समुद्र में 800 फुट की गहराई तक जाकर पानी में भारतीय तिरंगा लहरा कर देश के साथ- साथ गांव का नाम भी रोशन किया है। उसने बताया कि उसकी इस टीम में कुल सात सदस्य शामिल थे, जिसमें तीन लड़कियां भी थी। उन्होंने बताया कि जिसमें वे, हरिश, विक्की, अभिषेक, सौम्या, सारा तथा कुषम शामिल थी। उन्होंने बताया कि वे इन अभियानों के लिये तैयारियां करते रहते है। पहले उनका यह तिरंगा इतनी गहराई तक जाकर लहराने में तीन घंटे का समय लगा और अब ढ़ाई घंटे में ही उन्होंने इसे फतेह कर लिया। उसने यह तिरंगा अंडमान निकोबार में पोर्ट ब्लेयर में समुन्द्र में लहराया। उसने बताया कि वे देश की आन बान शान के लिये मर मिटने को तैयार है। उन्होंने बताया कि उनको सबसे ऊंची माउन्ट एवरेस्ट पर जाकर तिरंगा लहराने की तमन्ना है। पिछले वर्ष 2016 में उसको नैशनल टीम में भाग मिला था, परन्तु आर्थिक स्थिति के चलते वह जा नही पाया था। उसने इसके लिये देश, प्रदेश, सामाजिक संस्थाओं से अपील भी कि थी, परन्तु गांव के पूर्व सरपंच कर्ण सिंह के द्वारा ही एक लाख की सहायता दी गई थी, जो इसके लिये थोड़ी थी। उसका नाम अब दुबारा इंटर नैशनल अीम में चुना गया, जिसमें वह अकेला भारतीय है। उसने बताया कि अब उनकी टीम 3 अप्रैल 2017 को सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर जायेगी और इसके लिये उसे अधिक से अधिक आर्थिक सहायता की जरूरत है। उसने बताया कि 2017 में उसको विश्व रिकार्ड के लिये आठ मौके मिल रहे है। सर्वप्रथम मार्च 2017 के अंत में प्रधान मंत्री के चलाये गये अभियान के तहत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के दौरान देश में साइक्लिंग अभियान चलायेंगे। इससे पहले वे कन्या कुमारी से लेह- लद्दाख तक साइक्लिंग पतियोगिता चला चुका है। उसको अब सिर्फ आर्थिक सहायता कि जरूरत है। 
फोटो- समुन्द्र में 800 फुट की गहराई में तिरंगा लहराकर भारत का नाम रोशन करता पाई का विक्रम पांचाल।
Post a Comment