Thursday, 19 January 2017

RAJKUMAR AGGARWAL
कांग्रेस और तत्कालीन जनसंघ ने किया था हरियाणा के अलग राज्य गठन का विरोध - नेता प्रतिपक्ष
भाजपा व कांग्रेस प्रदेश को एसवाईएल के
पानी से वंचित रखना चाहती हैं - अभय चौटाला
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद भी नहर का निर्माण न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण: अशोक अरोड़ा
प्रधानमंत्री ने मिलने का समय नहीं दिया तो इनेलो देगी जंतर-मतर पर धरना- इनेलो 
चंडीगढ़, 18 जनवरी: भाजपा व कांग्रेस एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हरियाणा की जनता को एसवाईएल के पानी से वंचित रखना चाहती है, लेकिन इनेलो इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी और इनेलो कार्यकर्ता 23 फरवरी को इस्माईलपुर पहुंचकर एसएवाईएल की खुदाई करके पानी हरियाणा में लाएंगे। यह दावा नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने आज कुरुक्षेत्र व करनाल में इनेलो के जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि एक से 10 फरवरी तक इनेलो कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जन जागरण अभियान चलाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नहर खोदने के लिए ले जाया जा सके। जन जागरण अभियान के लिए सभी 90 हलकों मेेंं इनेलो नेताओं को जिम्मेवारी सौंपी गई है। इतना ही नहीं प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों से एसवाईएल का पानी हरियाणा में लाने के लिए प्रस्ताव पारित करवाकर प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इनेलो ने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए भी समय मांगा है।
कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप, पूर्व कृषि मंत्री जसविंद्र सिंह संधू, पूर्ण चंद बड़शामी, बूटा सिंह लुखी, कुलदीप सिंह मुलतानी ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में 23 फरवरी को इस्माईलपुर पहुंचने की अपील की। कुरूक्षेत्र के सम्मेलन में बलजिंद्र सिंह बब्बू, फतेह सिंह खेड़ी, माया राम चंद्रभानपुरा, डा. संतोष दहिया, तरसेम हरियापुर, हरि सिंह पांचाल, रणबीर बूरा, सुरेश सैनी, अमनदीप कंबोज, कर्ण सिंह ईशहाक, संदीप सरपंच अजराना, सुरजीत कौर, जोगध्यान, सुनील, रामस्वरूप चोपड़ा, नरेंद्र शर्मा, संदीप टेका भी मौजूद थे। करनाल के सम्मेलन में अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा के अलावा पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान, मामूराम गोंदर, यशवीर राणा, इंद्रजीत गुराया, हरपाल रोड़, जगतार सिंह, गुलजार सिंह मान,जय प्रकाश कांबोज, मनोज कांबोज, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, गुरदेव रंबा, ओमप्रकाश सलूजा, रघुबीर कुटेल, धर्मबीर पाढा, फूल सिंह मंजूरा, प्रेम शाहपुर, जयपाल पूनिया, प्रकाश कौर, राधा राणा, सोनिका गिल, शमशेर सिंधड़, बलविंद्र जून, सतीश बल्हारा, हरि सिंह डाचर, हरदेव सिंह, दीपचंद राणा भी मौजूद थे।
इनेलो नेताओं ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस तो शुरू से ही हरियाणा के अलग राज्य के रूप में गठन के विरोध में थी। तत्कालीन जनसंघ के विधायकों ने 1965 में जहां हरियाणा गठन का विरोध किया, वहीं कांग्रेस के तत्कालीन राज्यसभा सांसद बंसीलाल ने भी लोकसभा स्पीकर हुकम सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी के सदस्य के रूप में कहा था कि हरियाणा बनाने की कोई जरूरत नहीं है और यह बात रिकार्ड पर दर्ज है। उन्होंने कहा कि अब भी भाजपा और कांग्रेस के नेता अलग सुर बोल रहे हैं। इन्हें हरियाणा के हितों से कोई वास्ता नहीं है। एसवाईएल हरियाणा के लिए जीवन रेखा है। इनेलो तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक प्रदेश को एसवाईएल का पानी नहीं मिल जाता। एसवाईएल का पानी प्रदेश में आते ही खुशहाली का एक नया दौर शुरू होगा और इसके लिए इनेलो कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। 
अशोक अरोड़ा व जसविद्र संधू ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है और भाजपा ने लोगों से किया कोई भी वायदा अभी तक नहीं निभाया जिसके चलते सरकार के प्रति समाज के हर वर्ग में भारी रोष और गुस्सा पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद अभी तक नहर का निर्माण न होना न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस व भाजपा इस मुद्दे पर गम्भीर नहीं है और केवल एसवाईएल पर राजनीति कर रही है। कार्यकर्ता सम्मेलन में अशोक अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग का प्रस्ताव तथा 23 फरवरी को एसवाईएल खोदने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। अशोक अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का अपमान पूरे राष्ट्र का अपमान है। इसलिए विज के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने दोनों प्रस्तावों को हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया। 
कुरूक्षेत्र में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला  ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में यह फैसला हुआ था कि सीएम एसवाईएल पर पीएम से मिलने का समय लेंगे और सभी राजनीतिक दल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रधानमंत्री से मिलकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद इस नहर को बनवाए जाने का केंद्र से आग्रह करेंगे और अपनी बात रखेंगे। सीएम पिछले दो महीनों से प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं ले पाए इसलिए अब हम अपने स्तर पर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है और अगर समय न दिया गया तो इनेलो कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर धरना देंगे। उन्होंने सीएम को कमजोर बताते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं ले सकता, उसे कमजोर नहीं तो क्या कहा जाए। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा पानी पर पंजाब का हक जताने संबंधी प्रश्न के उत्तर में अभय चौटाला ने कहा कि यदि हरियाणा में इनेलो की सरकार होती तो दिल्ली का पानी बंद कर दिया जाता, लेकिन प्रदेश में कमजोर मुख्यमंत्री है, जो हरियाणा के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे।
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