Thursday, 2 February 2017

RAJKUMAR AGGARWAL
अदालत का फैसला आते ही जाट समुदाय के आरक्षण को सविंधान की सूचि में करवाया जाएगा शामिल: मनोहर
मुख्यमंत्री ने जाट धर्मशाला व संस्थान को दिए 51 लाख
 लड़कियों के छात्रावास के लिए जमीन तलाश करने के दिए निर्देश 
 जाट धर्मशाला का वार्षिकोत्सव व सर छोटू राम जयंती को मनाया धूमधाम से
कुरुक्षेत्र 1 फरवरी 2017: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अदालत का फैसला आते ही जाट समुदाय के आरक्षण को संविधान की नौवीं सूचि में शामिल करवाया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से आरक्षण को लेकर कानून के अनुसार सख्त पैरवाई की जा रही है। इस पैरवाई के लिए जाट समुदाय की सहमती से देश के जाने-माने अधिवक्ता जगदीप धनखड़ को केस सौंपा गया है। इतना ही नहीं पिछले साल जाट आरक्षण के दौरान 2100 केस दर्ज किए गए।

इनमें से 1350 केस खत्म हो चुके है, करीब 80 केसों में जमानत नहीं हुई, 20 केसों में जमानत के लिए आवेदन किया है, 13 केसों में जमानत के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन जमानत के लिए सिक्योरिटी नहीं मिल पाई और 11 केसों में जमानत रद्द हुई है। इसके अलावा आरक्षण के दौरान 31 नौजवान अपनी जान गवां बैठे और कई लोग घायल हुए। इसके लिए राज्य सरकार ने मृतकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई, घायलों का ईलात निशुल्क करवाया और स्थाई रुप से विकलांग हुए लोगों के ईलाज का खर्चा भी सरकार वहन करेगी। इसके बावजूद कुछ बाहरी लोग प्रदेश का अमन चैन खराब करने का प्रयास कर रहे है।
 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार को जाट धर्मशाला में वार्षिकोत्सव व दीनबंधु सर छोटू राम के जयंति समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले जाट धर्मशाला एवं सभा के अध्यक्ष राजुकमार ढुल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू, राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, विधायक सुभाष सुधा को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और मुख्यमंत्री ने सर छोटू राम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जाट धर्मशाला को 51 लाख रुपए, धन्ना जाट शिक्षण संस्थान में नर्सिंग व एमपीएचडब्लयू कोर्स शुरु करने की स्वीकृति, लड़कियों के लिए छात्रावास की जमीन की तलाश करने के साथ-साथ शिक्षण संस्थान में अन्य कोर्सो की शर्ते पूरी होने पर कोर्स शुरु करने की घोषणा भी की है। इस दौरान वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने 21 लाख रुपए, अपनी निजी कमाई से जाट धर्मशाला को हर साल एक लाख रुपए देने और हर 10 साल बाद इस राशि को दौगुना संस्थान को देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने भी संस्थान को 11 लाख 25 हजार रुपए अनुदान राशि देने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए प्रसिद्ध लोक कलाकार अमित ढुल व साथियों ने सर छोटू राम के जीवन पर आधारित लोकगीत व रागिनी आदि लोक कलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को सर छोटू राम जयंती व बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि दीनबंधू सर छोटू राम युग प्रवर्तक, किसानों, मजदूरों के मसीहा थे। अंग्रेजों के समय में जमींदारी प्रथा, किसानों के कर्ज व कुर्की की प्रथा को खत्म करके किसानों मजदूरों के हित में कई कानून बनाए। मजदूरों को एक सप्ताह में 61 घंटे और एक दिन में 11 घंटे तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में साप्ताहिक छुट्टी भी सर छोटू राम की देन है। उन्होंने कहा कि आज भी देश-प्रदेश में किसानों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और बहुत कठिनाईयां है। राज्य सरकार ने किसानों की दशा और दिशा सुधारने के लिए कर्ज पर ब्याज माफ करने का काम किया। अब फसली ऋण जीरो प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। पिछली सरकारों ने 48 सालों में किसानों को फसलों के खराबे का केवल 1200 करोड़ का मुआवजा दिया जबकि भाजपा सरकार ने महज सवा दो साल में पिछली सरकार के 300 करोड़ मुआवजे सहित कुल 2400 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फसल बीमा योजना को लागू किया। इस योजना में किसान और सरकार मिलकर काम कर रहे है। अब बीमा कम्पनियों के माध्यम से महज डेढ़ प्रतिशत के खर्च पर 20 हजार रुपए प्रति एकड़ की मुआवजा राशि भी तय की है। इसके लिए सरकार ने भी अपनी तरफ से 300 करोड़ रुपए की राशि डाली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही किसी कम्पनी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर स्वयं अपनी बीमा कम्पनी बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाने वाली है। इससे किसानों को कम खर्च पर जल्द मुआवजा देने का काम सरकार की तरफ से किया जाएगा और किसी कम्पनी की मध्यस्ता भी समाप्त हो जाएगी। सरकार ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए रि-मांड प्रणाली को समाप्त करने का काम किया। अब एक अदालत के फैसले पर दूसरी अदालत में अपील की जा सकती है और दो अपीले ही अब किसान को करनी होंगी। इतना ही नहीं किसान की जमीन का अधिग्रहण अब किसान की मर्जी से ही होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत में एसवाईएल के 12 सालों से लम्बित मामले की पैरवाई की, जिसके चलते अदालत ने हरियाणा के हक में एसवाईएल का फैसला किया और शीघ्र ही हरियाणा के हित में एसवाईएल को लेकर अदालत का फैसला आएगा। इस फैसले के बाद हरियाणा को एसवाईएल का पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार नौजवानों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने के प्रयास कर रही है। 360 कम्पनियों के साथ 6 लाख करोड़ के समझौते हुए और अभी हाल में ही हरियाणा प्रवासी दिवस पर करीब 100 से 150 समझौते हुए और सरकार द्वारा लाईसैंस जारी किए जा रहे है और कई कम्पनियों ने जमीन भी खरीद ली है। इससे 80 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। अब प्रदेश उद्योग के क्षेत्र में 14वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया है। दक्षिण हरियाणा में सूक्ष्म सिंचाई के लिए 143 करोड़ की योजना, वेस्टर्न यमुना कैनाल के लिए 2200 करोड़ रुपए की योजना तैयार की है और सरकार जैविक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और गऊशाला को जोडक़र योजना लागू कर रही है। हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने प्रदेश वासियों को बसंत पंचमी और सर छोटू राम जयंती की बधाई देते हुए कहा सर छोटू राम के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दूस्तान में किसानों, कमैरे, मजदूरों के मसीहा के रुप में सर छोटू राम जाने जाते है। सर छोटू राम 36 बिरादरी के लोगों को साथ लेकर चलते थे, आज कुछ लोग सर छोटू राम के दायरे को सीमित करने का प्रयास कर रहे है, जबकि सर छोटू राम ने मुसलमानों में भी कभी फर्क नहीं समझा। उन्होंने कहा कि सर छोटू राम के साहित्य को लेकर जाट धर्मशाला में एक पुस्तकालय बनाया जाना चाहिए ताकि सर छोटू राम के साहित्य से सब आत्मसात हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सर छोटू राम जैसे लोगों से प्रेरणा लेकर हरियाणा-हरियाणवी एक, सबका साथ-सबका विकास नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर नौकरियां देने का काम किया। पहली बार एचसीएस में भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करते हुए मैरिट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ नहीं करेगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जाट समुदाय ने हमेशा से एकता और भाईचारे की मिसाल कायम की है और भविष्य में भी इसे कायम रखा जाएगा। राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने प्रदेश वासियों को सर छोटू राम जयंती व बंसत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सर छोटू राम ने बाल्यकाल से संघर्ष का जीवन जीया और ईमानदारी के पथ पर चलकर अपना एक मुकाम हासिल किया। दीनबंधू सर छोटू राम ने किसानों पर हो रहे अत्याचारों को न केवल समाप्त करने का काम किया, बल्कि किसानों के हित में कानून भी बदलवाने का काम किया। सर छोटू राम ने अपना पूरा जीवन निस्वार्थ भाव से जीया और किसानों के लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ी। उन्होंने सर छोटू राम के जीवन के अहम पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर छोटू राम द्वारा दी गई कुर्बानियों का ऋण कभी उतरा नहीं जा सकता। उसी बहादुर कौम के लोगों को देश की रक्षा और विकास के लिए निस्वार्थ भाव से बलिदान और त्याग के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। उन्हीं कौमों का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता हैं, जिन कौमों के लोग बलिदान और त्याग करते हैं। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि आज समाज को दीनबंधू सर छोटू राम जैसे महान लोगों की जरुरत हैं। समाज के लोगों को सर छोटू राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज के विकास में अपना योगदान देने के लिए भाईचारे की भावना पैदा करनी चाहिए। जाट सभा के अध्यक्ष राजकुमार ढुल ने मेहमानों का स्वागत किया और जाट धर्मशाला की सामाजिक गतिविधियों को सबके सामने रखा। सेवानिवृत एचसीएस अधिकारी मांगे राम ढुल ने जाट धर्मशाला व संस्थान की गतिविधियों और लेखे-जोखे विस्तारपूर्ण वर्णन जाट धर्मशाला व समाज की मांगों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष रखा। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच ने किया। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, धर्मवीर डागर, गुरदयाल कड़ामी, वीरु कड़ामी, डा. हवा सिंह, रामस्वरुप फौजी, सुरेश नैन, गुरनाम, मदन लाल, महेश, रमेश, शमशेर, छज्जू राम, भले राम सहित अधिकारी व संस्थान के पदाधिकारी मौजूद थे।
Post a Comment