Friday, 3 March 2017

सरकार ने माना रानियां हल्के में महामारी से 199 पशुओं की मृत्यु हुई व 1091 पशु महामारी से प्रभावित हुए

RAJKUMAR AGGARWAL
सरकार ने माना रानियां हल्के में महामारी से 199 पशुओं की मृत्यु हुई व 1091 पशु महामारी से प्रभावित हुए
नेता प्रतिपक्ष व रानियां के विधायक ने विस में उठाया यह मुद्दा, फौरी इलाज व आर्थिक मदद की मांग
सरकार दुधारू पशुओं की मृत्यु पर 25 हजार व गैर दुधारू पशुओं के पशुपालकों को देगी पांच हजार रुपए
इनेलो की मांग पर सरकार ने इलाज के लिए पशु विश्वविद्यालय के वरिष्ठ डॉक्टरो की टीमें भेजी
लापरवाही बरतने वाले उस क्षेत्र के पशु चिकित्सक व वीएलडीए को चार्जशीट किया गया-पशुपालन मंत्री
चंडीगढ़, 3 मार्च: सिरसा जिले के रानियां हलके में गांव केहरवाला, दारेवाला व आसपास के गांवों में फैली महामारी से 199 पशुओं की मृत्यु हो गई है और 1091 पशु इससे प्रभावित हुए हैं। महामारी से मरने वाले पशुओं में 48 पशु दुधारू थे जिन किसानों के दुधारू पशुओं की मृत्यु हुई है उन्हें 25 हजार रुपए प्रत्येक पशु और गैर दुधारू पशुओं के लिए पांच हजार रुपए प्रत्येक पशु सरकार राहत राशि प्रदान करेगी और उस क्षेत्र के पशु चिकित्सक व वीएलडीए को चार्जशीट कर दिया गया है। यह जानकारी हरियाणा के पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में देते हुए बताया कि करीब सवा महीने पहले हिसार जिले में भी इस तरह की बीमारी फैली थी और वहां पर भी 27 पशुओं की मौत हो गई थी।
यह मुद्दा गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व रानियां के विधायक रामचंद कम्बोज ने विस में उठाते हुए सरकार से इस बारे में गम्भीर प्रयास करने और वहां पशुओं के इलाज के लिए पशु विश्वविद्यालय के वरिष्ठ डॉक्टरो की टीम भेजने और जिन किसानों के दुधारू व गैर-दुधारू पशुओं की मृत्यु हुई है उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की मांग की थी। शुक्रवार को शून्यकाल शुरू होते ही पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि इनेलो नेताओं ने जो पशुओं में फैली महामारी का मुद्दा कल सदन में उठाया था उसको देखते हुए पशु विवि से वरिष्ठ डॉक्टरो की टीमें प्रभावित गांवों में भेज दी गई हैं और लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों व वीआरडीए के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया है। 
राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए इनेलो विधायकों ने सरकार पर अपने चुनावी वायदे पूरे न करने और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने, सडक़ों की खराब हालत, स्कूलों में अध्यापकों व अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी जोरशारे से उठाया। पिरथी सिंह नम्बरदार ने अभिभाषण पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने दावा किया था कि अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा लेकिन लोगों को पानी मिल नहीं रहा। उन्होंने ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक न मिलने और उनके हलके के माइनर को भाखड़ा के साथ जोडऩे सहित नरवाना विस क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़ी हुई अपने हलके की मांगों को भी विस्तार से सदन में रखा।
इनेलो विधायक जाकिर हुसैन ने मेवात के ऐतिहासिक मंदिरों को पर्यटक स्थलों के तौर पर विकसित किए जाने और कुछ गांवों की पंचायतों द्वारा करोड़ों रुपए खुर्दबुर्द करने और इस गबन में पूर्व सरपंचों का साथ देने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न होने का भी मुद्दा सदन में उठाया। इनेलो विधायक ने कहा कि जिन अधिकारियों के खिलाफ गबन के मामले हैं उन्हें वापिस फिर नूंह में लगा दिया गया है तो ऐसे में दोषियों के खिलाफ जांच कैसे होगी? जाकिर हुसैन ने कहा कि वे पिछले दो सालों से इस मुद्दे को निरंतर उठा रहे हैं लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच करवा दोषियों को सजा देने की बजाय मौजूदा सरकार उनके भ्रष्ट कारनामों पर पर्दा डालने में लगी हुई है। इनेलो विधायक ने यह भी कहा कि विधायक नसीम अहमद ने भी इस मामले में विस में सवाल लगाया था लेकिन उसे भी किसी न किसी तरह से टाल दिया गया। इनेलो विधायक ने कहा कि गबन करने वाली महिला पहले खुद सरपंच पद पर रही और बाद में उसकी पुत्रवधू को बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि खर्च हुई राशि का कहीं कोई टेंडर या काम पूरा होने की रिपोर्ट नहीं फिर भी लाखों करोड़ों के भुगतान कर दिए गए। जब रिकार्ड मांगा गया तो एक बार कह दिया कि रिकार्ड जल गया और दूसरी बार यह कह दिया गया कि रिकार्ड गुम हो गया। पंचायत व विकास मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इनेलो विधायक को भरोसा दिलाया कि इस मामले में बड़े से बड़े अधिकारी से जांच करवाकर घोटाला करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इनेलो विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि अतिरिक्त उपायुक्त स्तर के अधिकारी से जब इस बारे में पूछा जाता है तो वे पंचायतों का दबाव डलवाने के लिए ऐसे पत्र लिखते हैं जिसमें विधायक का नाम लिखकर लोगों पर प्रेशर बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने मेवात क्षेत्र में पीने के पानी की कमी सहित अपने क्षेत्र के और भी कई प्रमुख मुद्दे उठाए और सरकार से इन कार्यों को तुरंत पूरा करने की मांग की।
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