Friday, 3 March 2017

यूनिवर्सिटी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र की हालत बिगड़ी

RAJKUMAR AGGARWAL

यूनिवर्सिटी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र की हालत बिगड़ी
-अन्य छात्रों ने सीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन
-छात्रों का गुस्सा देख डीसी ने यूनिवर्सिटी डीन को किया तलब
-हड़ताल पर बैठे छात्र के लिए भेजी एंबुलेंस
गुरुग्राम। स्थानीय अंसल यूनिवर्सिटी पर मनमर्जी और बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था का आरोप लगाते हुए यूनिवर्सिटी के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की हालत बिगड़ गई है। इसके बावजूद भी यूनिवर्सिटी व शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यार्थियों की कोई सुध लेने नहीं पहुंचा तो गुस्साएं छात्र शुक्रवार को सडक़ों पर उतर गए। काफी संख्या में विद्यार्थी यूनिवर्सिटी से पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और यहां जमकर यूनिवर्सिटी के खिलाफ नारेबाजी की। 
विद्यार्थियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी उन्हें शिक्षा के नाम पर ठग रही है और भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों को लगातार पुलिस भेजकर डराया व धमकाया जा रहा है। जबकि जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली और न ही मनमर्जी चलाने वाले यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई कार्रवाई की। हालांकि विद्यार्थियों का गुस्सा देखकर डीसी ने तुरंत एंबुलेंस भूख हड़ताल स्थल पर भेजने के आदेश दिए और यूनिवर्सिटी के डीन को तुरंत तलब किया। हालांकि विद्यार्थियों ने इसके बाद भी कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी भूख हड़ताल जारी रहेगी। अंसल यूनिवर्सिटी प्रबंधन से मिलकर प्रबंधन व इंजीनियरिंग के विद्यार्थी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को रख रहे थे। जिसमें फीस के नाम पर ज्यादा पैसे वसूलने, कैंटीन में खराब खाना, लाईबे्ररी व बुक बैंक में जरूरी पुस्तकों का नहीं होना, खुद का प्ले ग्राउंड नहीं होना, सेमेस्टर फीस का ट्यूशन फीस से डबल होना, स्टूडेंट्स को जान-बूझकर फेल करना, अंसल यूनिवर्सिटी द्वारा तथाकथित रूप से फर्जी डिग्री देना, डीन का रेगुलर दौरा न करना और विद्यार्थियों की समस्याआें की अनदेखी करना आदि सहित दर्जन भर मांगे शामिल है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं किए जाने से गुस्साएं छात्रों ने धरना शुरू कर दिया। जिसमें से योगेन्द्र नामक छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया, लेकिन भूख हड़ताल के चार दिन तक भी किसी ने विद्यार्थियों की नहीं सुनी, जिससे अब भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की हालत बिगडऩे लगी है। चौथे दिन योगेन्द्र की हालत जब ज्यादा खराब हुई और यूनिवर्सिटी का कोई अधिकारी आश्वासन देने तक भी नहीं पहुंचा तो छात्रों ने शुक्रवार दोपहर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो कुछ अन्य विद्यार्थी भी न केवल भूख हड़ताल पर बैठेंगे, बल्कि आंदोलन को बड़ा विस्तार देंगे। इस दौरान किसी भी अनहोनी की यूनिवर्सिटी जिम्मेदार होगी।
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