Thursday, 30 March 2017

जांच की जाएगी और प्राईवेट स्कूलों को इसे वापिस लेना होगा।

RAJKUMAR AGGARWAL

नई दिल्ली, 29 मार्च- हरियाणा के शिक्षा मंत्री  रामबिलास ने कहा है कि हरियाणा के प्राईवेट स्कूल जिन्होंने बिना घोषणा के फीस में बढ़ोतरी की है उनकी जांच की जाएगी और प्राईवेट स्कूलों को इसे वापिस लेना होगा।
शिक्षा मंत्री ने आज यहां में लोगों की समस्याओं की सुनवाई के दौरान पत्रकारों के द्वारा प्राईवेट स्कूलों द्वारा मनमर्जी से फीस बढ़ाए जाने बारे पर पूछे गये प्रश्न के उत्तर में दी।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि जो भी प्राईवेट स्कूल अभिभावकों से बिल्डिंग फण्ड, ट्रांसपोर्ट अथवा यूनिफार्म के नाम पर मनमाने ढंग से वसूली करते हैं उस पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों की शिक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि प्राईवेट स्कूलों को 134-ए के अंतर्गत निर्धारित 10 प्रतिशत गरीब बच्चों को दाखिला देने के निर्देश दिये गये हैं और इस वर्ष 134-ए के अंतर्गत दाखिले में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आयेगी। 
उन्होने कहा हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है और अनेक क्रांतिकारी कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि वर्ष 2015 में सरकार ने गीता को पाठय़क्रम के साथ जोडा गया है इसके अलावा महिलाओं एवं लड़कियों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है 10 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने विडियो कांफे्रंस के माध्यम से 21 महाविद्यालयों की एक साथ आधारशिला रखी है जोकि महिला शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। इससे बेटी बचाओ-बेटी पढाओ कार्यक्रम को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरूआत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत में की थी। उस समय प्रदेश में लिंगानुपात 1000 पर 834 था जो अब 906 के आंकडे को पार कर गया है।
बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के बारे में पूछे जाने पर शिक्षामंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल पर रोक लगाने के लिए भी प्रयास किये हैं जहां भी परीक्षा डयूटी के दौरान अधिकारी नकल कराने में लिप्त पाये गये हैं उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। कुछ अधिकारियों को सस्पैंड भी किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष रोहतक के मेडिकल परीक्षा के पेपरलीक में लिप्त सारे गैंग को गिरप्तार किया गया है। इसके अलावा परीक्षाओं में नकल रोकने में पढ़ी-लिखी पंचायतें भी अपना सहयोग दे रही हैं।
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