Sunday, 9 April 2017

मारा गया कुख्यात बदमाश व् गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग,कई हत्याओं सहित 40 विख्यात डॉक्टरों से ले चुका था फिरौती।*

RAJKUMAR AGGARWAL

मारा गया कुख्यात बदमाश व् गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग,कई हत्याओं सहित 40 विख्यात डॉक्टरों से ले चुका था फिरौती।*
 
*मार्च 2006 में कैथल के व्यापारी की हत्या करने के बाद भाग गया था दक्षिण अफ्रीका,इंटरपोल की मदद से हुआ था गिरफ्तार,एक छोटी सी गलती से कैसे सुरेंद्र ग्योंग आया जेल से बाहर?*
 
 आज करनाल पुलिस की सीआईए 1 शाखा ने हरियाणा-पंजाब में आतंक फैला चुके जिस सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर कर डाला उसके आपराधिक रिकॉर्ड आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।करनाल पुलिस के जिस पुलिस अधिकारी ने कुख्यात बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर किया है उनका नाम बिजेंद्र सिंह बताया जा है।आइए आपको बताते है सुरेंद्र ग्योंग के अपराध का लेख जोखा कि कैसे उसने कुछ ही समय में बड़े गैंगस्टरों में अपनी पहचान बना ली थी और कैसे एक छोटी सी गलती से वो आ गया जेल से बाहर?सुरेंद्र ग्योंग ने अपने आपराधिक कैरियर की शुरुआत वर्ष 1999 में हत्या, डकैती अपहरण से की थी। करीब सात साल कैथल में इसका पूरा आतंक रहा। पहले यह कृष्ण पहलवान के साथ मिलकर धंधा किया करता था। लेकिन पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों गुटों में अनबन हो गई। इसके बाद इनका गैंग दो गुटों में बंट गया।रंजिश के चलते ही सुरेंद्र ग्योंग गुट ने पुराने बस अड्डा के सामने कृष्ण पहलवान की हत्या कर दी। 
 

इस हत्या के बाद शहर में सुरेंद्र ग्योंग की ज्यादा दहशत हो गई क्योंकि उसने अपराध के दुनिया के एक बड़े गैंगस्टर को मौत के घाट उतार दिया था।उसके बाद सुरेंद्र ग्योंग की फिरौती का धंधा भी खूब चला। जानकारी मिली है उसमें बताया जाता है कि कैथल व् आसपास के करीब 40 व्यापारी डाक्टरों से उसने फिरौती में बड़ी रकम की उगाही भी की। उसके बाद पत्रकार परमानंद की हत्या भी इसी गुट ने की।

 
उसमें ग्योंग को उम्रकैद की सजा सुनाई हुई है। इसके बाद कृष्ण पहलवान सुरेंद्र ग्योंग गुट में आपसी गैंगवार चला। इसमें दोनों गुटों के आठ लोग मारे गए।उसके बाद हरियाणा में कांग्रेस का राज आने के बाद कैथल में प्लाइवुड का धंधा करने वाले नरेंद्र अरोड़ा की हत्या कर दी। इस हत्या का पूरे शहर ने एक साथ विरोध किया।इंडिया ब्रेकिंग को कैथल के एक निवासी ने बताया कि कैथल में एक समय ऐसा आ गया था, जब लोग दिन छिपते ही घरों से बाहर निकलना बंद हो गए थे।हरियाणा सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उस समय के तत्कालीन एसपी नवदीप सिंह विर्क को कैथल लगाया ओर देखते ही देखते एसपी नवदीप विर्क ने एक-एक करके सभी बदमाशों को जेल के अंदर डाल दिया। कुछ बदमाश शहर छोड़कर ही भाग गए। नरेंद्र अरोड़ा की हत्या के आरोपी तीन बदमाश फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दक्षिण अफ्रीका भाग गए थे जिनमे सुरेंद्र ग्योंग भी शामिल था और उसके बाद ये लोग वहीं से फिरौती मांगने का धंधा करने लगे।जानकारी के अनुसार  एसपी नवदीप विर्क ने उनकी मोबाइल लोकेशन से दक्षिण अफ्रीका में उनके ठिकाने का पता लगाया।इंटरपोल की मदद से सुरेंद्र ग्योंग व् उसके साथियों को दक्षिण अफ़्रिका से गिरफ्तार करवा कर उन्हें यहां भारत लाया गया।इस मामले में 2014 में सुरेंद्र ग्योंग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई जिसके बाद कैथल में अमन शांति लौटी।
 

कैथल पुलिस के तत्कालीन एएसआई रमेश शर्मा ने भी एसपी नवदीप विर्क के साथ अच्छा काम किया। ऐसा कहा जाता है कि कैथल से क्राइम को खत्म करने का श्रेय एसपी विर्क को ही जाता है। लेकिन 23 मई 2016 को मकान की रिपेयर करवाने की दलील के साथ कुख्यात बदमाश सुरेंद्र ग्योंग को रोहतक के मंडल आयुक्त द्वारा पेरोल दे दी गई। जानकारी के अनुसार मंडल आयुक्त ने रूटीन की फाइल समझकर सुरेंद्र ग्योंग को पेरोल दे दी लेकिन पुलिस द्वारा मामला संज्ञान में लाने के बाद 29 मई को सुरेंद्र ग्योंग की पेरोल रद्द कर दी गई लेकिन तब तक वो फरार हो चुका था।भगोड़ा घोषित होने के बाद हरियाणा पुलिस ग्योंग की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।इसके बाद कैथल के कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला को भी सुरेंद्र ग्योंग ने जान से मारने की धमकी दी थी जिसके बाद सुरजेवाला पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट चले गए थे जंहा उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सीआईएसएफ के सुरक्षा गार्डों की मांग की थी जिसके बाद जनवरी 2017 में सुरजेवाला को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।
 
*क्या क्या मामले दर्ज है सुरेंद्र ग्योंग पर:* जो मामले सुरेंद्र ग्योंग पर दर्ज थे उसमे उसके खिलाफ 22 दिसंबर 2005 को कैथल में फिरौती मांगना, 07 जुलाई 2006 को कुरुक्षेत्र में फिरौती मांगना, अप्रैल 2006 खनौरी जिला संगरूर में अपहरण, जून 2007 में शहर कैथल फिरौती मांगना, अक्टूबर 2009 में शहर कैथल में लूट का प्रयास, 22 जुलाई 2010 को शहर कैथल में फिरौती मांगना, 23 मार्च 2015 को पूंडरी में फोन कर फिरौती मांगना के मुकदमें दर्ज हैं।लेकिन अब शायद सुरेंद्र ग्योंग के एनकाउंटर के बाद इन सभी फाइलों में से सुरेंद्र ग्योंग का नाम हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा।
Post a Comment